स्वास्थ्य और दिर्घायु जीवन जीने कि शैली

 स्वस्थ जीवन-शैली (Healthy Lifestyle) अपनाने के लिए नीचे दी गई बहुत उपयोगी और ज़रूरी बातें 👇

स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए आदर्श दिनचर्या
ब्रह्ममुहूर्त में शुद्ध वायु का महत्व,

शुद्ध हवा शुबह 4 बजे ब्रह्ममुहुर्त से सुर्योदय तक अवश्य चलती
है। उस समय टहलना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है

सुबह 4 बजे टहलने के चमत्कारी लाभ

लम्बा जीवन जीने और स्वास्थ्य रहने के लिए सुबह 4बजे टहलना किसी रहस्य से कम नहीं है सुबह टहलने से ह्रदय स्वस्थ रहता है शुद्ध आक्सीजन से फेफड़े मजबूत होते हैं सुबह 4बजे भ्रमण करने से  लकवा, गठिया, मधुमेह, दौरा मानसिक तनाव रोग सदैव के लिए भाग जाते हैं |

उषःपान (Usha Paan) का आयुर्वेदिक महत्व 🌅💧

शुबह मुंह में पानी भर कर कुला अवश्य करना चाहिए
  तांबा के बर्तन में  पानी भरकर पानी को थोड़ा-थोड़ा करके धिरे -धिरे पीना चाहिए । जिसको उषःपान कहते हैं।
उषा:पान (Usha Paan) 🌅💧
उषा पान का अर्थ है सुबह सूर्योदय से पहले खाली पेट पानी पीना। आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी माना गया है।

उषःपान की विधि:

 उषःपान शुरू करते समय प्रारम्भ में 1-2 गिलास जल ही पीना चाहिए और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाते हुए 4- 5 गिलास जल जरूर पीना चाहिए।

सुबह कुल्ला और शौच की आदत

सुबह जल्दी शौच आदि से निवृत्त होना चाहिए स्वास्थ्य जीवन के लिए बहुत उपयोगी हैं 

सात्विक विचार और सकारात्मक मन का प्रभाव

मन को हमेशा सात्विक विचारों के साथ ही रखना चाहिए  जैसा मन होता है वैसा ही हमारा जीवन बनता है।  उत्साहपूर्वक प्रसन्न एवं निर्मल मन से किसी कार्य को करना चाहिए 

ओस पर नंगे पांव चलने के लाभ (Earthing)

  शुबह ओस  कि बिन्दुओं पर नंगें पांव चलना चाहिए  । इस प्रयोग को करने के लाभ

इससे आँखों की रोशनी तेज होती है
मस्तिष्क को शांति और ताजगी मिलती है
मानसिक तनाव, चिंता और मानसिक थकान कम होती है
नसों को सक्रिय करता है और रक्त संचार सुधरता है
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है

धरती के प्राकृतिक ऊर्जा (Earthing) से शरीर जुड़ता है

कैसे और कब चलें

सुबह सूर्योदय से पहले या तुरंत बाद

हरी घास पर 10–20 मिनट

चलते समय मन शांत रखें, गहरी साँस लें

इसके बाद पैरों को साधारण पानी से धो लें

सावधानियाँ:

बहुत ठंड या पाले में न चलें

मधुमेह या पैरों में घाव हो तो सावधानी रखें

साफ और सुरक्षित घास चुनें


ओस पर नंगे पाँव चलना एक सरल, प्राकृतिक और निःशुल्क स्वास्थ्य साधना है, जिससे शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते है।

पाचन क्रिया को मजबूत रखने के उपाय

 स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जिने के लिए  पाचन क्रिया को सही रखना बहुत जरूरी है पाचनशक्ति मजबूत रखने हेतु विशेष उपाय-

महत्वपूर्ण नियम:

भोजन सही मात्रा में और एक  निश्चित  मात्रा मे ही करने चाहिए 
शुबह हल्का पेय  पदार्थ जैसे   ताजा जूस का सेवन करने चाहिए 

सुबह हल्का पेय लेने के लाभ

शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है

पाचन तंत्र सक्रिय होता है

शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है

त्वचा में निखार आता है

शरीर में कब्ज नहीं बनते और थकान भी महसूस नहीं होती

सेवन विधि:

उठते ही खाली पेट लें

जूस हमेशा ताज़ा और बिना मिलावट का हि सेवन करें

बहुत ठंडा पेय न लें

जूस के बाद 20–30 मिनट तक भारी भोजन न करें

मधुमेह रोगियों के लिए सलाह:

मधुमेह रोगी मीठे फलों के जूस सीमित मात्रा में लें

मधुमेह रोगियों के लिए करेला और जामुन का जुस बहुत ही लाभकारी माना गया है

 मधुमेह रोगी जूस पीने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें

जंक फूड से दूरी क्यों आवश्यक है

चाट, समोंसे, भुजिया, ब्रेड, बिस्किट आदि का सेवन  स्वास्थ्य कि दृष्टि से इन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।”

चाट,समोसा,ब्रेड, बिस्किट का सेवन क्यों सही नहीं है?

कारण:

इनमें तेल, मैदा और नमक अधिक मात्रा होती है

इससे पाचन खराब होता है

मोटापा और गैस की समस्या बढ़ती है

हृदय और शुगर का खतरा बढ़ सकता है

जब तक भूख न लगे, तब तक भोजन न करें।

भोजन और पानी पीने के सही नियम

भोजन खूब चबाकर  चबाकर करें।  भोजन करते समय आवश्यकता हो तो थोड़ा सा पानी पी लेंना चाहिए भोजन के पहले और  तुरन्त बाद में पानी नहीं पीना चाहिए भोजन करने के लगभग 1घन्टे बाद 1-2 गिलास ठण्डा जल पीना उपयोगी रहता है। इससे पेट भी साफ रहता और भूख भी खुलकर लगती है।

भारी और गरिष्ठ भोजन से परहेज

अपने आहार में हमें भारी, कठिन पचने वाले खाद्य पदार्थ से दूरी बनाए रखनी चाहिए।  इन्हें पचाने में हमारे शरीर की आँतों को अतिरिक्त श्रम करना पड़ता 
 मैदा और बेसन से बने पदार्थ कम खाएँ। तेज मिर्च-मसाला, तेल, शक्कर, खटाई शादि चीजों का प्रयोग यथासम्भव कम ही करें। मादक वस्तुएँ, धूम्रपान, चाय, कॉफी, आदि के सेवन न करें  ये स्वास्थ्य के लिए बहुत ही घातक है
सात्विक भोजन का महत्व
हो सके तो सात्विक भोजन करे  जो सात्विक भोजन होता है  शुद्ध, हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला होता है। यह मन को शांत, शरीर को स्वस्थ और विचारों को सकारात्मक बनाता है।

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